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रविवार, 20 मई 2018

कर्नाटक में सरकार बनाने में फंस सकता है पेंच, मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया बड़ा बयान।

कर्नाटक में सत्ता के लिए संघर्ष में अभी कुछ और पन्ने खुलने बांकी है। 
कांग्रेस और जेडीएस के बीच जब तक सरकार की शक्ल को लेकर समझौता नही हो जाता तब तक अभी वहां और टर्न और ट्विवेस्ट देखने को मिल सकता है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम राष्ट्रीय पार्टी है और जेडीएस एक क्षेत्रीय पार्टी।

नई दिल्ली : लगता है के बाद भी अभी काफी कुछ होना बाकी है. येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद लग रहा था, कांग्रेस और जेडीएस आसानी से सरकार बना लेंगे. लेकिन ऐसा होता लग नहीं रहा है. सरकार बनाने में अभी पेंच फंसा हुआ है. सरकार का स्वरूप कैसा होगा, इस पर अभी काफी प्रश्न बाकी हैं. सरकार में किसकी कैसी हिस्सेदारी होगी, इस पर अभी कुछ भी साफ नहीं है. सिर्फ इसके कि होंगे.
कर्नाटक में सत्ता के बंटवारे में अभी कुछ और पन्ने खुलने बाकी है. कांग्रेस और जेडीएस के बीच जब तक सरकार की शक्ल को लेकर समझौता नहीं हो जाता तब तक अभी वहां और टर्न और ट्विवस्ट देखने को मिल सकते हैं. इसी बीच कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा है कि सरकार बनाने पर फैसला हमारा हाइकमान करेगा. हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं. जेडीएस को हमने समर्थन दिया है, जो एक क्षेत्रीय पार्टी है. सभी मूल्यों को ध्यान में रखते हुए हमें ये ध्यान रखना होगा कि हमें उसी तरह का सत्ता में हिस्सा मिले.
इससे पहले सूत्रों के मुताबिक कहा गया, जेडीएस और उसके सहयोगी दलों के 37 विधायकों में से 20 को नई सरकार में मंत्री पद दिया जाएगा. वहीं 78 सीटें जीतने वाली कांग्रेस को महज 13 मंत्री पद से संतोष करना होगा.

इससे पहले जेडीएस के कुमारस्वामी ने कहा था कि वह शपथ लेने के 24 घंटे के अंदर अपना बहुमत साबित कर देंगे. कुमारस्वामी सोमवार को कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने दिल्ली आ रहे हैं. लेकिन कहा जा रहा है कि वह यहां इस दौरान सरकार की शक्ल कैसी होगी, इस बात पर चर्चा करेंगे.

कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के पास 104 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस के पास 38 विधायक हैं. चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाने का दावा किया है.

दो राज्यों को ऐतिहासिक तोहफा देने जा रही है मोदी सरकार।

नई दिल्ली: मेघालय से सशस्त्र सेना (विशेषाधिकार) अधिनियम (अफस्पा) हटाने के बाद केन्द्र सरकार अब असम और अरुणाचल प्रदेश में भी इसे आंशिक रूप से हटाने पर विचार कर रही है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी की सरकारों वाले इन दोनों राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है और इसे ध्यान में रखते हुए इन राज्यों से अफस्पा को आंशिक रूप से हटाने पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों ने कहा है, हमें खुफिया जानकारी मिली है जिसमें यह संकेत मिलता है कि इन दोनों राज्यों के कुछ क्षेत्र उग्रवाद मुक्त हो रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए केन्द्र ने दोनों सरकारों से इस बारे में राय मांगी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले सभी बातों का आकलन कर रही है और वह सेना तथा अन्य सुरक्षा एजेन्सियों के साथ भी सलाह मशिवरा कर रही है। केन्द्र सरकार ने सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद गत अप्रैल में अफस्पा को मेघालय से पूरी तरह से हटाने का निर्णय लिया था। यदि असम से अफस्पा हटाया जाता है तो इस अधिनियम से मुक्त होने वाला यह पूर्वोत्तर का चौथा राज्य बन जायेगा।
इससे पहले मिजोरम , त्रिपुरा और मेघालय से अफस्पा हटाया जा चुका है। गत फरवरी में ही असम में अफ्सपा की अवधि छह महीने के लिए बढाने का निर्णय लिया गया था। सूत्रों के अनुसार यह निर्णय सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा के आधार पर लिया जाता है। अफस्पा के तहत सुरक्षा बलों को अशांत क्षेत्रों में विभिन्न अभियान चलाने के लिए विशेष अधिकार हासिल हैं।

कर्नाटक जीत से उत्साहित कांग्रेस ने चली बिहार में फिर एक चाल!

पटना: कर्नाटक में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फिर से महागठवंधन में वापसी का ऑफर दिया है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमएलसी प्रेमचन्द्र मिश्रा ने नीतीश कुमार को नए सिरे से गठबंधन के लिए ऑफर किया है. कांग्रेस नेता ने कहा है कि नीतीश कुमार सेक्यूलर विचारधारा के नेता हैं और कांग्रेस की कोशिश है कि सेक्यूलर विचारधारा वाले तमाम नेता एक मंच पर आएं. कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी के पाप का घड़ा भर चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लेकप्रियता भी लगातार घटती जा रही है. कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारा मानना है कि बीजेपी एक डूबती नैया है और राजस्थान व मध्य प्रदेश के चुनाव के बाद एनडीए में बड़े पैमाने पर भगदड़ होने वाली है. ऐसे में सेक्यूलर विचारधारा रखने वाली सभी पार्टियों को साथ आना चाहिए.
कांग्रेस ने कहा है कि अब सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक मंच पर आकर देश से बीजेपी आरएसएस प्रष्ठभूमि के लोंगों को राजनीत से दूर करना होगा ताकि हमारा देश और हमारा संविधान सुरक्षित रहे देशवासी भी सुरक्षित रहें.
उन्होंने नीतीश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि वह भी लगातार खुद को सेक्यूलर नेता होने का दावा करते हैं. अगर फिर से साथ आने की कोशिश होती है तो कांग्रेस पार्टी उसका स्वागत करेगी, क्योंकि हम समान विचारधारा वालों के साथ तालमेल बिठाने के लगातार पक्षधर रहे हैं.वहीं कांग्रेस ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से आरजेडी कांग्रेस के सरकार बनाने के प्रस्ताव पर जल्द विचार करने की गुजारिश की है. प्रेमचन्द्र मिश्रा ने कहा है कि राज्यपाल आरएसएस नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा से जुडे रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन को एक मौका जरुर देना चाहिए.
इधर मंत्री प्रेम कुमार ने विपक्ष के सरकार बनाने के दावे को बेकार की कवायद बताया है. प्रेम कुमार ने कहा है कि बहुमत विधानसभा के फ्लोर पर साबित होता है और विपक्ष के पास बहुमत का आंकडा नहीं है. बिहार में एनडीए पूरी तरह एकजुट है. कर्नाटक एक राज्य का चुनाव परिणाम है इससे देश का राजनीति पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है. अभी कांग्रेस ये सभी काम अति उत्साह में कर रही है जबकि कर्नाटक की जनता ने उसे नकार दिया है।

बुधवार, 16 मई 2018

वीरभद्र, विक्रमादित्य समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

रामपुर जेएनएन : पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनके बेटे विधायक विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण विभाग के पूर्व ईएनसी एसपी नेगी व युवा कांग्रेस रामपुर के अध्यक्ष जसबीर ठाकुर के खिलाफ मंगलवार देर रात रामपुर थाना में मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला वीरभद्र सिंह के भतीजे राजेश्वर सिंह ने एसपी शिमला के माध्यम से शिकायत पत्र देकर दर्ज करवाया है।
रामपुर स्थित वीरभद्र सिंह के राजमहल में राजेश्वर सिंह के पिता की काफी पहले हिस्सेदारी थी। आरोप है कि राजमहल के एक हिस्से से कुछ दिन पहले चारों आरोपितों ने राजेश्वर व राजमहल के चौकीदार रोशन लाल का कुछ सामान बाहर निकाल दिया था, जिससे विवाद गहरा गया। इस कारण राजेश्वर के केयरटेकर मस्तराम ने रामपुर थाना में शिकायत दी थी। इससे अगले दिन उसने शिकायत वापस ले ली थी।
रामपुर पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल कर मस्तराम व रोशन लाल के बयान दर्ज किए थे। वीरभद्र एक सप्ताह पूर्व रामपुर व सराहन दौरे पर आए थे। उनके दौरे के दौरान मस्तराम व रोशन लाल ने महल के एक कोने से सामान बाहर निकालने की शिकायत दोबारा दर्ज करवाई थी। राजमहल का एक कोना अब तक राजेश्वर सिंह के पास होने की सूचना है। केयरटेकर मस्तराम बीते 25 वर्षो से राजकुमार के लिए काम कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत मिलने के अगले दिन रामपुर थाना से थाना उपप्रभारी को राजेश्वर से मिलने शिमला भेजा गया था। राजेश्वर ने अपने वकील द्वारा बातचीत करने की बात पुलिस को कही थी। रामपुर थाना उपप्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा में हो रहा फर्जीवाड़ा, RTI ने खोली नेताजी की पोल।

पटना [दीनानाथ साहनी]। आरटीआई ने गरीबों के लिए लागू प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि हड़पने में नेता से लेकर मुखिया तक की पोल खोल दी है।
कहीं नेता के रसूख तो कहीं मुखिया की दबंगई से गरीबों को मिलने वाले आशियाने की हकमारी की जा रही है। पटना,नवादा, नालंदा, पश्चिम चंपारण, कैमूर, कटिहार, मधेपुरा जिले में ऐसे मामलों का खुलासा आरटीआइ (लोक सूचना का अधिकार) से हुआ है।
पक्के घर को दिखा आवास योजना में गोलमाल
पटना जिले के कुरकुरी पंचायत, नालंदा के हिलसा प्रखंड के श्रीनगर, नवादा के कौआकोल प्रखंड के किंजार, गायघाट और पकड़ीबेरामा, पश्चिम चंपारण के तेहरा, कैमूर के खनहा, कटिहार के सिसी और मधेपुरा के मधेसी में मुखिया और पंचायत सचिव के कारनामे से गांववाले त्रस्त हैं। ग्रामीणों ने आरटीआइ के जरिये प्रधानमंत्री आवास योजना में घरों के निर्माण में राशि हड़पने का खुलासा किया है। ऐसे मामले सामने आए हैं कि दूसरे के पक्के घर को दिखाकर 70 से 80 हजार रुपये तक राशि का फर्जी भुगतान करा लिया गया। इन मामलों में संबंधित डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।आरटीआइ कार्यकर्ता राम इकबाल मिश्र के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की राशि ऐसे व्यक्ति को दी गई है, जो पहले ही अपना घर बनवा चुका है। ज्यादा मामलों में स्थानीय अफसरों की संलिप्तता है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को पत्र लिखकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
कागज पर रास्ता निर्माण, मनरेगा से भुगतान
छपरा ग्रामीण क्षेत्र का एक रोचक मामला सामने आया है। नौशाद ने आरटीआइ की अर्जी से रौजा में कागज पर निर्मित पक्के रास्ते में मनरेगा से 6.21 लाख भुगतान के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। इस मामले में छपरा जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने जांच का आदेश दिया है। इस गड़बड़ी में एक नेता, जो ठेकेदार भी है, ने जमकर अपने रसूख का इस्तेमाल कर मामले को दबाने में पूरी ताकत लगा दी थी। लेकिन, मुहल्ले के नागरिकों ने डीडीसी के सामने पूरे प्रकरण को उठाया तो नेता का सारा रसूख गायब हो गया।इधर अरवल के उसरी में ग्रामीण शिवचरण मांझी ने आरटीआइ से पंचायत में मनरेगा कार्य में गड़बड़ी उजागर की है। बिना कार्य कराए 2.35 लाख के भुगतान के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मनरेगा के तहत करवाए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन करवाने का आदेश बीडीओ को दिया है।
आरटीआइ कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में अनियमितता चरम पर है। बिना काम कराए फर्जी भुगतान के दर्जनों मामले कई जिलों में दर्ज हैं। इसमें मुखिया, पंचायत सचिव, ठेकदार नेता और अफसर तक की संलिप्तता सामने आई है।

धारा 370 को हटाना अब असंभव है : सुप्रीम कोर्ट

धारा 370 न सिर्फ जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देती है बल्कि इस राज्य के लिए कानून बनाने के मामले में केंद्र की शक्तियां भी सीमित करती है।

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली संविधान की धारा 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है. शीर्ष अदालत ने कहा कि सालों से बने रहने के चलते अब यह धारा एक स्थायी प्रावधान बन चुकी है जिससे इसको खत्म करना असंभव हो गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यायमूर्ति आदर्श के गोयल और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की बेंच की यह टिप्पणी एक याचिका की सुनवाई करते हुए आई. इसमें दावा किया गया था कि धारा 370 एक अस्थायी प्रावधान के तहत लाई गई थी जिसे 26 जनवरी 1957 को जम्मू-कश्मीर संविधान सभा के भंग होने के साथ ही खत्म हो जाना था. इसमें यह भी कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर का संविधान निरर्थक, अप्रभावी और भारतीय संविधान का उल्लंघन है. अदालत ने यह भी याद दिलाया कि 2017 के एक मामले में वह पहले ही इस बहस को यह कहकर खत्म कर चुकी है कि धारा 370 अब संविधान का एक स्थायी हिस्सा है.
धारा 370 न सिर्फ जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देती है, बल्कि इस राज्य के लिए कानून बनाने के मामले में केंद्र की शक्तियां भी सीमित करती है. इस पर काफी समय से बहस होती रही है. इसे हटाना केंद्र में इन दिनों सत्तासीन भाजपा के कोर एजेंडों में से एक रहा है।

सोमवार, 14 मई 2018

EXIT POLL 2018 : जानिए, एग्जिट पोल में किस पार्टी को कर्नाटक में मिल रही सत्‍ता।

नई दिल्ली, जेएनएन। कर्नाटक विधानसभा की 224 में से 222 सीटों पर मतदान खत्म हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 6 बजे तक राज्य में 70 फीसदी वोटिंग हुई।
त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनने पर जनता दल सेक्युलर (जदएस) किंगमेकर की भूमिका में होगा। हालांकि, राज्य में दोनों दल भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी सरकार बनाने के दावे कर रहे हैं। आपको बताते हैं कि तमाम एग्जिट पोल के नतीजे क्या कहते हैं। 
मतदान खत्म होने के साथ ही तमाम एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमानों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की संभावना जताई गई है। कुछ चैनलों का अनुमान है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है। हालांकि कुछ ने कांग्रेस को सबसे अधिक सीटें मिलने की संभावना जताई है। वैसे, असली तस्वीर 15 मई को होने वाली मतगणना में ही सामने आएगी।
टाइम्स नाउ-वीएमआर के एग्जिट पोल में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा है। हालांकि यहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिख रही है। सर्वे के मुताबिक, भाजपा को 80-93, कांग्रेस को 90-103 और जेडीएस को 31-39 सीटें मिलने का अनुमान है।
आजतक-एक्सिस के एग्जिट पोल में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। सर्वे में कांग्रेस को सत्ता मिलने की संभावना भी दिख रही है। कांग्रेस को 106-118 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं भाजपा और 79-92 और जेडीएस को 22-30 सीेटें मिलने का अनुमान है।
एबीपी-सी वोटर के एग्जिट पोल में कांग्रेस पर भाजपा भारी पड़ती दिख रही है। सर्वे में भाजपा को सबसे ज्यादा 101-103 सीटें मिलने की संभावना है। जबकि कांग्रेस को 82-94 और जेडीएस को 18-31 सीटें मिल सकती हैं।
न्यूज एक्स-सीएनएक्स के सर्वे में त्रिशंकु विधानसभा के आसार बनते दिख रहे हैं। इस एग्जिट पोल में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। हालांकि, भाजपा को सबसे ज्यादा 102-110 सीटें मिलती दिख रही हैं। कांग्रेस को 72-78 और जेडीएस को 35-39 सीटें मिलने का अनुमान है।
रिपब्लिक-जन की बात के एग्जिट पोल में भाजपा राज्य में सरकार बना सकती है। इस एग्जिट पोल में भाजपा को 95-114 सीटें मिलती दिख रही हैं। जबकि कांग्रेस को 73-82 और जेडीएस को 32-43 सीटें मिल सकती हैं।
                                     
भाजपा                             कांग्रेस            जेडीएस
टाइम्स नाउ-वीएमआर      80 -93         90 - 103        31-39
आज तक एक्सिस            79-92         106-118         22-30
एबीपी-सी वोटर                101-113      82-94            18-31
न्यूज एक्स-सीएनएक्स     102-110      72-78            35-39
रिपब्लिक-जन की बात      95-114        73-82            32-43
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने दावा किया है कि कांग्रेस 120 सीटें जीतकर राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। शनिवार को मैसूर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि त्रिशंकु विधानसभा का कोई सवाल ही नहीं है। भाजपा के बीएस येद्दयुरप्पा के सरकार बनाने के दावे पर उन्होंने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के खिलाफ आयकर छापों के आदेश दिए गए क्योंकि भाजपा जान गई थी कि वह चुनाव हारने जा रही है। सिद्दरमैया ने कहा कि चुनाव बाद यह मसला चुनाव आयोग और संसद में उठाया जाएगा।
मालूम हो कि 2013 के चुनाव में 71.4 फीसद मतदान हुआ था। आयोग के मुताबिक, सबसे ज्यादा 76 फीसद मतदान चिक्काबल्लापुरा और रामनगर में दर्ज किया गया। जबकि बेंगलुरु शहर में सबसे कम 48 फीसद वोट पड़े। वहीं, रायचूर जिले के कदादगड्डे द्वीप के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया और तहसीलदार का घेराव किया। यह द्वीप कृष्णा नदी पर है और यहां बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई समस्याएं है। स्थानीय निवासियों की लगातार मांग और अनुरोध के बावजूद प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसी वजह से ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। बता दें कि राज्य में 2,600 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 2,400 से ज्यादा पुरुष और 200 से ज्यादा महिलाएं हैं।

बुधवार, 9 मई 2018

मोदी RSS को हराने के लिए ओवैसी ने पहन लिया भगवा पगड़ी, लोगों ने कहा।

कर्नाटक : 

बीजेपी और आरएसएस को लगातार कोसने वाले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कर्नाटक की एक चुनावी रैली में भगवा पगड़ी पहनकर जनता को संबोधित किया।
आमतौर शेरवानी और सिर पर टोपी पहनने वाले ओवैसी के सिर पर भगवा पगड़ी देखकर हर कोई हैरान था।

बीजेपी और आरएसएस को लगातार कोसने वाले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कर्नाटक की एक चुनावी रैली में भगवा पगड़ी पहनकर जनता को संबोधित किया. आमतौर शेरवानी और सिर पर टोपी पहनने वाले ओवैसी के सिर पर भगवा पगड़ी देखकर हर कोई हैरान था
सोशल मीडिया पर ओवैसी की पगड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है. कर्नाटक चुनाव में एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के लिए प्रचार में उतरे ओवैसी ने बेलगाम में जेडीएस प्रत्याशी के लिए वोट मांगे. इस दौरान उनका भाषण सुनने के लिए भारी भीड़ जुटी. लेकिन इस रैली की खास बात रही ओवैसी को पहनाई गई पगड़ी।ओवैसी को इस दौरान मंच पर भगवा पगड़ी पहनाई गई. ओवैसी को भगवा पगड़ी में देखकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई. किसी ने ओवैसी को राम मंदिर का नारा लगाने वाला कहा तो किसी ने कहा कि ओवैसी हिंदू विरोधी नहीं है, वह आरएसएस और बीजेपी विरोधी है।

शनिवार, 5 मई 2018

नीरव मोदी को लेकर चीन ने दिया चौंकाने वाला बयान!

13 हजार 500 करोड़ रुपए के आरोपी भगोड़े कारोबारी नीवर मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर कोशिशें तेज हो रही हैं। हाल ही में विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि नीरव मोदी हांगकांग में है। वहीं अब चीन की सरकार ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर एक राहत भरा बयान दिया है।

चीन की सरकार ने कहा है कि, उनकी सरकार हांगकांग से नीरव मोदी के प्रत्यपर्ण के फैसले में दखल नहीं देगी। चीन की सरकार ने कहा है कि हांगकांग की सरकार इस मामले में निर्णय लेने में पूरी तरह से स्वतंत्र है।
आपको बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने हांगकांग की सरकार से 23 मार्च को अपील की थी कि वह नीरव मोदी को गिरफ्तार करे। आपको बता दें हांगकांग चीन सरकार द्वारा प्रशासित क्षेत्र है। यहां कि सरकार 'एक देश दो व्यवस्था' के मॉडल पर काम करती है। चीन की सरकार राजनीतिक और आर्थिक मामलों में जरूर हस्तक्षेप करती है लेकिन इस तरह के मामले में निर्णय लेने के लिए हांगकांग पूरी तरह से स्वतंत्र है।
चीन के विदेश मंत्री गेंग शुआंग ने कहा कि, इस मामले पर चीन की सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी, हांगकांग की सरकार अपने नियम और कानून के आधार पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि, भारत सरकार की किसी उचित मांग पर हांगकांग नियमों के मुताबिक फैसला कर सकती है।
आपको बता दें कि रविवार को नीरव मोदी और मेहुल चौकसी दोनों के लिए सीबीआई की विशेष अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। इसके पहले मोदी और चोकसी के खिलाफ सीबीआई ने एक लुकआउट नोटिस जारी किया था। हालांकि मोदी अपने परिवार के साथ नोटिस जारी होने से पहले ही भारत छोड़ चुका था। अदालत से गैरजमानती वारंट जारी होने से दोनों आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराने का रास्ता भी खुल गया है।

पेंशन स्कीम जल्द होगी लागू, मंत्रालय से मिली हरी झंडी।

न्यूज़ डेस्क : सेल बीएसएल के लिए खुशखबरी है। 6 साल से लंबित पेंशन स्कीम जल्द लागू होने जा रही है। इस्पात मंत्रालय के वित्त सचिव ने पेंशन स्कीम को लेकर सेल बोर्ड की अनुशंसा पर सहमति जता दी है। इसके बाद चर्चा है कि मंत्रालय से जल्द ही पेंशन स्कीम लागू कर दी जाएगी।



सेल में अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन देने की प्रक्रिया करीब 10 साल से चल रही है। पिछले साल सेल बोर्ड ने प्रस्ताव को मंजूर करते हुए फाइनल अप्रूवल के लिए इस्पात मंत्रालय भेजा था। इस दौरान कंपनी की माली हालत खराब होने के साथ ही अन्य कारणों से मामला मंत्रालय में अटका हुआ था।

बीते वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के बाद कंपनी की माली हालत में सुधार आने के बाद पेंशन स्कीम को लागू करने को लेकर हलचल शुरू हुई। सूत्रों की मानें तो इस्पात मंत्रालय के वित्त संबंधी सचिवों ने इस पर अपनी सहमति जता दी है और आने वाले 2 सप्ताह के भीतर मंत्रालय भी इस पर मुहर लगा देगा इसके साथ ही सेल में कर्मचारियों के लिए पेंशन का की सुविधा शुरू हो जाएगी।

इसके लिए ट्रस्ट की होगी स्थापना
स्कीम लागू होने पर सेल पेंशन के लिए सेल पेंशन ट्रस्ट की स्थापना की जाएगी। जिसमें कंपनी के अंशदान पर योजना का संचालन होगा। पेंशन की योजना से अधिकारियों को फिर एक बार कर्मचारियों के मुकाबले ज्यादा लाभ होगा। यूनियनों की अदूरदर्शिता के चलते 2007 में पेंशन में निर्णय नहीं लिया जा सका था। इसलिए कर्मियों के लिए पेंशन योजना 2012 से लागू हो पाई कर्मियों को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। वहीं ग्रेज्युटी की सीलिंग 20 लाख हो जाने पर अधिकारियों को दोहरा फायदा हो रहा है।

सेल का ट्रस्ट दे रहा है ज्यादा ब्याज
सेल में पेंशन योजना को लागू करने के लिए जीवन बीमा निगम, एलआईसी से करार किया गया है। एलआईसी में अधिकतम जमा पूंजी पर 6.5 प्रतिशत तक ब्याज देने का देने का प्रस्ताव रखा है जबकि कर्मियों के अंशदान जो कि उनके बेसिक का 2 प्रतिशत है। उस पर सेल द्वारा संचालित बोर्ड 8.8 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।

वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

ये कर्मचारी होंगे पेंशन के दायरे में | 
यह स्कीम सभी गैर कार्यपालक कर्मचारियों, जिनमें नियुक्ति के लिए गए ट्रेनीज भी शामिल हैं, पर लागू होगी जो 1 जनवरी 2012 या उसके बाद कंपनी के रोल में दर्ज थे। नियुक्ति की तिथि से इसके दायरे में वे नए कर्मी भी शामिल होंगे जो 1 जनवरी 2012 के बाद सेल में नियुक्त होंगे।

पात्रता-15 साल की सेवा जरूरी | सेल में कम से कम 15 साल की सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त कर्मी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। मृत्यु तथा शारीरिक विकलांगता के कारण सेवामुक्ति की दशा में 15 साल की सेवा बाध्यता नहीं होगी।

अंशदान- 6 प्रबंधन, 2 फीसदी कर्मी की हिस्सेदारी
2012 से सभी कर्मियों के बेसिक व डीए का 6 फीसदी, अंशदान प्रबंधन ट्रस्ट में जमा करेगा। कर्मी अपने बेसिक तथा डीए का 2 फीसदी अंशदान जमा करेंगे। यह कर्मी की इच्छानुसार बढ़ाया जा सकेगा। पेंशन स्कीम में मिलने वाले लाभ एन्युटी के रूप में ही लिए जा सकेंगे। मृत्यु तथा शारीरिक विकलांगता के कारण सेवामुक्ति की दशा में एन्युटी के खरीदी से ही पेंशन का लाभ मिलेगा। वित्त मंत्रालय से हरि झंडी मिलने के बाद यहां हर्ष का माहौल है।

शुक्रवार, 4 मई 2018

साल 2050 में मुस्लिम लोगों की जनसंख्या जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

दोस्तों 2050 तक 73% बढ़ जाएगी मुस्लिम जनसंख्या हां जी एक रिसर्च में ऐसा दावा हुआ है वही मैं आज आपको इस पोस्ट में बताऊंगा। दुनिया में पूरी जनसंख्या का 23% हिस्सा रखने वाला इस्लाम धर्म आने वाले समय में दुनिया का सबसे बड़ा धर्म बन जाएगा। पिछले साल हुई एक पॉपुलेशन रिसर्च में सामने आया कि इस्लाम दुनिया के किसी भी धर्म से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।

इसकी ग्रोथ रेट इतनी है कि 2050 तक यह 73% पहुंच जाएगा और दुनिया में सबसे ज्यादा अपनाए जाने वाले धर्म क्रिश्चियनिटी को भी पीछे छोड़ देगा। अमेरिकी रिसर्च एजेंसी pew ने पिछले कुछ सालों में यह आंकड़े एकत्रित किए हैं। 2010 से जारी यह रिसर्च में सामने आया है कि 160 करोड़ की जनसंख्या रखने वाला इस्लाम 240 करोड़ की क्रिश्चियनिटी जनसंख्या को भी पीछे छोड़ देगा।
अगर हम बात करें दुनिया के तीसरे बड़े धर्म हिन्दू धर्म की तो आंकड़ों के मुताबिक हिन्दू धर्म को 120 करोड़ से ज्यादा लोग अपनाते हैं। हिंदू धर्म 16% की रफ्तार से बढ़ रहा है जो कि 2050 तक 35% तक होगी वहीं दूसरी तरफ इस्लाम 23% से बढ़कर 73% तक पहुंच चुका होगा। दोस्तों इन सभी आंकड़ों के बारे में आपका क्या कहना है हमें कमेंट में बताएं।

2050 तक इन देशों में हिंदू की संख्या सबसे अधिक होगी।

मेरे प्यारे दोस्तों जैसा की हम सभी जानते हैं की भारत में सबसे ज्यादा हिन्दू रहते हैं। लेकिन इसके अलावा भी और बहुत सारे देश है। जिसमें हिंदुओं की संख्या बहुत ज्यादा है। आज के इस लेख में मैं आपको कुछ ऐसे देश के नाम बताऊंगा जिस देश में हिन्दुओं की संख्या काफी ज्यादा है।

1.नेपाल-

नेपाल भारत का एक पड़ोसी देश है। नेपाल दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा हिंदू वाला देश है। अभी नेपाल में हिंदुओं की संख्या 24 मिलियन है। 2050 तक ये आबादी 38 मिलियन तक हो जाएगी।


2.बांग्लादेश-

बांग्लादेश भी हमारे देश भारत का एक निकटवर्ती देश है। बांग्लादेश दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा हिंदू वाला देश है। अभी नेपाल में हिंदुओं की संख्या 12 मिलियन है। 2050 तक ये आबादी 14 मिलियन तक हो जाएगी।

3.इंडोनेशिया-

इंडोनेशिया दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा हिंदू वाला देश है। अभी इंडोनेशिया में हिंदुओं की संख्या 4 मिलियन है। 2050 तक ये आबादी 4.15 मिलियन तक हो जाएगी।

शनिवार, 21 अप्रैल 2018

भारत ने बनाया दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार - दुनिया की महाशक्ति हुई परेशान !

न्यूज़ डेस्क : भारत निश्चित तौर पर एक उभरती महाशक्ति है। जब भारत आजाद हुआ था तब अंग्रेजों ने कहा था कि भारत अपने दम पर कुछ भी नहीं कर पाएगा उसे एक सुई के निर्माण के लिए भी ब्रिटेन के पास आना पड़ेगा।
आज भारत एक उभरती महाशक्ति है जो निकट भविष्य में अपने मुकाम पर पहुंच जाएगी। रक्षा तंत्र में हमारी भी एक पहचान है। अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने से लेकर व्यापार करने तक के लिए दुनिया के लोगों में भारत पहली पसंद है। हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था यूनाइटेड किंगडम से भी अधिक हो गई थी। भारत ने मिसाइल बनाने में भी खुद को साबित कर दिया है। अब भारत भविष्य के एक ऐसे हथियार पर काम कर रहा है जो भारत की तकनीक और शक्ति को कई गुना बढ़ा देगी। इस बात को लेकर कई महाशक्ति चिंतित भी हैं क्योंकि भारत एक प्रबल दावेदार बन गया है।


काली - यह अपने नाम की तरह ही दुश्मनों का काल है। यह भारत का एक गुप्त हथियार है। इसके विषय में लोकसभा में जानकारी मांगे जाने पर रक्षा मंत्री ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और गुप्त जानकारी का हवाला देकर अधिक बातें बताने सेे साफ इनकार कर दिया था। यह दुनिया में अपनी तरह का एकलौता हथियार है। यह हथियार भविष्य की लेजर तकनीक है। आप कल्पना कर सकते हैं , एक ऐसे हथियार की जो दुश्मन को तबाह कर के वापस आ जाए। काली एक ऐसा ही हथियार है जिससे पाकिस्तान भयभीत है।
जब 5 अप्रैल 2012 में पाकिस्तान के कब्जे वाले सियाचिन के 11 सेक्टर में भयानक बर्फबारी और तूफान आई थी तब वहां एक ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा गिर गया था. जिसमें पाकिस्तानी आर्मी का बेस कैंप पूरी तरह से तबाह हो गया था और इसमें लगभग 150 सैनिक मारे गए थे. पाकिस्तान के रक्षा वैज्ञानिकों का दावा है कि इतना बड़ा पहाड़ तब तक नहीं गिराया जा सकता जब तक उसे कटाने जाए । उनका सीधे तौर पर शक भारत पर है. उनका मानना है कि भारत ने काली हथियार के इस्तेमाल के जरिए इस को काट गिराया था|

निश्चित तौर पर यह एक अद्वितीय हथियार है। जो भारत को उसकी वास्तविक ताकत दिलाएगा। भारत माता की जय।

बड़ी खबर : दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल हुआ भारत।

नमस्कार दोस्तों ! TODAY JAGRAN न्यूज़ में आपका स्वागत है।
 दोस्तों हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया ग्रुप की सदस्यता मिल गयी है. आपको बता दें कि यह ग्रुप केमिकल और बायलॉजिकल एजेंट्स के निर्यात पर अपने नियंत्रण के जरिए सुनिश्चित करता है कि इससे रासायनिक या जैविक हथियार न बन सके।

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने के लिए पिछले काफी वक़्त से कोशिश में लगे भारत के लिए ये बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है. इस उपलब्धि से अप्रसार में भारत की दुनिया में हैसियत बढ़ेगी ओर साथ ही न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में सदस्यता के लिए भी भारत की दावेदारी और भी ज्यादा मजबूत होगी, जिसमें चीन पिछले काफी वक़्त से अड़ंगा लगा रहा है।अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस के साथ भारत भी सीना तान के खड़ा होगा अब
आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ग्रुप एक अनौपचारिक संगठन है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश पहले से शामिल हैं. पीएम मोदी की दोस्ती के चलते अमेरिका और फ्रांस काफी वक़्त से भारत को इस ग्रुप का मेंबर बनाने की वकालत करते आये है. और अब भारत को इस ग्रुप की सदस्यता मिल गयी है.
दरअसल भारत सैन्य इस्तेमाल के लिए सबसे ज्यादा केमिकल सबंधी सामानों का ही आयात करता है, मगर ये कोई खतरे की बात नहीं क्योंकि भारत में इस पर नजर रखने की काफी अच्छी व्यवस्था है. अब ग्रुप में सदस्यता मिलने से भारत को केमिकल और बायलॉजिकल एजेंट्स के वैश्विक कारोबार में दखल का मौका मिलेगा. इस उपलब्धि के बाद भारत में फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंडर जेगलर ने शुक्रवार को भारत को बधाई दी और इसे नरेंद्र मोदी की कूटनीति की जीत बताया. यहाँ एक बात आपको और बता दें कि पिछले ही साल दिसंबर में पीएम मोदी के प्रयासों से भारत वासेनार अरेंजमेंट का मेंबर बना था.
भारत बनता जा रहा वैश्विक महाशक्ति
इस अरेंजमेंट का मकसद पारंपरिक हथियारों के साथ उन वस्तुओं और तकनीकों के प्रसार में पारदर्शिता और जिम्मेदारी लाना है, जिनका सैन्य इस्तेमाल हो सकता है. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के ही कारण 2016 के जून में भारत मिसाइल टेक्नॉलजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) का मेंबर भी बना था, जो मिसाइल, यूएवी और संबंधित तकनीक के प्रसार पर नजर रखता है. इसका मेंबर बनने से भारत को उच्च मिसाइल तकनीक हासिल करने का रास्ता साफ हुआ था. जानकारों के मुताबिक़ अब वो दिन दूर नहीं जब भारत एनएसजी का सदस्य भी बनने जा रहा है.

कठुआ मामले में आया नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अपना फैसला।

दोस्तों,आपका हमारे TODAY JAGRAN न्यूज़ पोर्टल में स्वागत है। आज हम आपको कठुआ कांड से संबंधी कुछ तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं क्योंकि इन दिनों ये बहुत ही चर्चा में है।


कश्मीर की 8 साल की बच्ची, जिसके साथ कई सारे लोगों ने मंदिर के अंदर मिलकर दुष्कर्म किया, और आखिर में उस 8 साल की बच्ची के सिर पर ईट, पत्थर से मारकर उसकी हत्या कर दी गयी। एक तरफ जहां पूरा बॉलीवुड आसिफा बनो का सपोर्ट कर रहा है दूसरी तरफ कुछ और ही चल रहा है। इसी सापेक्ष में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी कि इस केस की जांच सीबीआई के द्वारा की जाए परंतु सुप्रीम कोर्ट ने यह केस क्राइम ब्रांच को सौंपा दिया है और उन्हीं से पूरी जांच कराई जाएगी।

भारत में बहुत से राजनेता इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं परंतु युवा इस मामले की तह तक जाना चाहते हैं और लोगों का पर्दाफाश करना चाहते हैं।
दोस्तो ,आप क्या सोचते हैं इस केस के बारे में, क्या भारत में आसिफ को न्याय मिलेगा या नही ? आप हमें कमेंट कर जरूर बताएं हम इस तरह के रोचक न्यूज़ जानने के लिए हम से जुड़े रहें साथ ही साथ हमें फॉलो करना ना भूलें।

अब जामा मस्जिद से मुस्लिम धर्मगुरुओं ने किया बड़ा ऐलान?

शामली:मुस्लिम उलेमाओं ने एक राय होकर के एक ऐसा अनोखा फरमान जारी किया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
उलेमाओं ने फरमान सुनाया है कि अगर मुस्लिम शादी में डीजे और ढोल-नगाड़े बजे तो उस शादी का वे बायकॉट कर देंगे और मुस्लिम उलेमा निकाह भी नहीं पढ़ाएंगे।

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शामली शहर की मुख्य जामा मस्जिद में जनपद शामली के मुस्लिम उलेमाओं की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कई मुस्लिम धर्मगुरु शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना शौकीन ने की। बैठक के दौरान शादी में फिजूल के खर्च कर रहे मुस्लिम लोगों पर पाबंदी लगाने की बात की गई। मुस्लिम उलेमाओं का मानना है कि विवाह-शादी के दौरान डीजे और ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी बंद कराई जाए। क्योंकि इस तरह के फिजूल के खर्च करने के बजाय किसी गरीब की मदद की जाए। उलेमाओं ने कहा कि पहले तो वह इस तरह की शादी करने के लिए मुस्लिम धर्म के लोगों को समझाएंगे और अगर कोई उनकी बात नहीं मानता तो उनका बहिष्कार किया जाएगा।
उलेमाओं ने कहा कि शादियों में डीजे, ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी हमारे धर्म के खिलाफ है। इसिलए अब ऐसा बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर किसी भी मुस्लिम शादी में डीजे और ढोल-नगाड़े या आतिशबाजी हुई तो उलेमा उस शादी में निकाह नहीं पढ़ाएंगे। बैठक में जमीयत ए उलेमा हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना अयूब सहित कई उलेमा मौजूद रहे।

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018

कहार, कुम्हार और गोंड सहित अन्य 17 अति पिछड़ी जातियों को शामिल किया जाएगा SC/ST में।

नई दिल्ली : आरक्षण को लेकर अभी भी देश मे काफी आक्रोश देखा जा रहा है। देश मे दलित ही सबसे पिछड़े थे। जिन्हें आरक्षण मिला। और आज के समय मे बहुत से लोगो का विकाश भी हुआ। लेकिन इन दलितों से भी पीछे ये अति पिछड़ी जातियां है। जिनका उत्त्थान नही के बराबर है। अति पिछड़ी जातियों का आर्थिक और शैक्षिक विकास करने के लिए भारतीय जनता पार्टी जातिय समीकरणों को दुरस्त करने में लगी हुई है।
जल्द ही केंद्र सरकार प्रदेश की 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल किया जाएगा। इन अति पिछड़ी जातियों में निषाद, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौड़ इत्यादि शामिल है। एक अरसे से इन अति पिछड़ी जातियों की मांग रही है कि उन्हें एससी एसटी की सूची में शामिल किया जाए। लंबे इंताजर के बाद केंद्र की प्रदेश सरकार ने अब जाकर इनकी मांग को पूरा करने का विचार किया है। केंद्रीय नेतृत्व अति पिछड़ी जातियों की इस मांग से पूरी तरह सहमत है और उन्होंने जल्द ही इस पर विचार करने का फैसला भी सुनाया।
एससी एसटी वर्ग के साथ ओबीसी वालों को शामिल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।इससे उनका आर्थिक और शैक्षिक विकास होगा। साथ ही उन्हें एक समान दर्जा भी मिलेगा। आज भी ओबीसी वर्ग के इन 17 जातियों की आर्थिक और शैक्षिक स्थिति दलितों से भी खराब हो गयी है। न ही सरकारी नौकरी में उनका प्रतिनिधित्व है। और न ही वे समाज के बाकी क्षेत्रों में आगे बढ़ सके हैं। इसलिए सरकार की यह मंसा है। कि इन्हें भी आगे बढ़ने के लिए कुछ आरक्षण प्रदान किया जाय। ताकि इनका भी विकाश हो सके। लाइक और फॉलो बटन दबाकर कॉमेंन्ट बॉक्स में बताइये। कि के आप सरकार के इस निर्णय से सहमत है। कॉमेंन्ट करके बताए।

आरक्षण के विरोध में कल भारत बंद, क्या एक और हिंसा की आग में जलेगा देश?

जयपुर । 2 अप्रैल को हुए भारत बंद में जातीय हिंसा की आग में देश झुलस गया था। देश के कई राज्यों में जातीय संघर्ष की वजह से कई लोगों की जानें चली गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश में लागू एससी एसटी एक्ट में किये गए बदलाव और उसमें केंद्र सरकार के द्वारा तब रूचि ना लिये जाने की वजह से कई जातीय संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद का आयोजन किया था।इस दिन बंद के दौरान कई हिंसक घटनाएं हुईं, जिसमें दर्जन भर लोगों की मौत हो गई थीं। इस मामले में अभी भी कई लोगों की गिरफ्तारी हो रही है और कानूनी काम जारी है।

लेकिन अभी बवाल ठंडा नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और कई संगठनों के दावों पर गौर किया जाए तो कल यानि कि 10 अप्रैल को देश भर में आरक्षण के विरोध में देश-व्यापी बंद का आयोजन किया जाने वाला है।इस बंद में अभी कौन से संगठन शामिल होंगे, इसके पता अभी चल नहीं पाया है। लेकिन देश भर के कई राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शुरु कर दिया है।

खबरों के मुताबिक 2 अप्रैल को हुई हिंसा और आरक्षण के खिलाफ स्वर्ण और ओबीसी समुदाय कल भारत बंद का आयोजन करने जा रहा है। ये खबर 2 अप्रैल को हुए दलितों द्वारा भारत बंद के बाद ही आनी शुरु हो गई थी।कल संभावित भारत बंद के मद्दनेज़र उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पूरे राज्य में धारा 144 लोगू कर दी है। जबकि मध्य प्रदेश में स्कूलों को कल के लिए बंद कर दिया गया है और कई शहरों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।

दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायधीश राजिंदर सच्चर का निधन, मुसलमानों के लिए किया था ऐतिहासिक काम।

नई दिल्लीः मुसलमानों की स्थिति सुधारने के लिए बेहतरीन काम करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायधीश राजिंदर सच्चर अब हमारे बीच नहीं है।
शुक्रवार को 94 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वे काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें हाल में ही एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था । साल 1952 में वकालत से अपने करियर की शुरुआत करने वाले जस्टिस सच्चर ने मानवाधिकार के लिए काफी अच्छा काम किया था । 12 फरवरी 1970 को वे दिल्ली हाईकोर्ट के बने थे। दो साल काम करने के बाद उन्हें 5 जुलाई 1972 को दिल्ली हाई कोर्ट का न्यायधीश बनाया गया। इसके अलवा वे सिक्किम और राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस बनाए गए थे।
मुसलमानों की स्थिति पर दी थी रिपोर्ट
साल 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने दिल्ली हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजिंदर सच्चर की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। यह समिति सच्चर कमेटी के नाम से मशहूर हुई थी। यह समिति देश में मुसलमानों की स्थिति जाने के लिए गठित हुई थी। राजिंदर सच्चर ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया था कि देश में मुसलमानों की स्थिति अनुसूचित जाति-जनजाति से भी बदतर है। 403 पेज की इस रिपोर्ट को नवबंर 2006 में लोकसभा में भी पेश किया गया था।
जस्टिस ने की थी ये सिफारिशें
जस्ट‍िस राजि‍न्‍दर सच्‍चर की कमेटी ने देश के मुस्लिम समाज की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति का अध्ययन किया था। उन्होंने मुस्लिमों की भलाई के लिए केंद्र सरकार से 10 प्रमुख सिफारिशें की थीं।
1- मुस्लिम समुदाय की शैक्षणिक स्थिति को मजबूत करने के लिए राजि‍न्‍दर सच्‍चर ने 14 साल के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने की बात कही थी। इसके अलावा उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले मुस्लिम बच्चों के लिए स्कॉलरशिप देने और मदरसों का आधुनिकीकरण करने पर जोर दिया था।
2- मुस्लिम समुदाय की आर्थिक स्थिति सही करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से बढ़े-लिखे मुस्लम बच्चों को रोजगार देने की सिफारिश की थी।
3- ग्रामीण अंचलों में मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में सरकारी बैंक खोलने और उन्हें ऋण देकर राजगार के लिए प्रोत्साहित करने की भी रिफारिश की थी। मुस्लिम महिलाओं को रोजगार देने के लिए भी उन्होंने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही थी।
4- मुस्लिम परिवारों से आने वाले बच्चों के लिए उन्होंने देश भर में आईटीआई और पॉलि‍टेक्‍नि‍क संस्‍थान खोलने की भी रिफारिश की थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इससे मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में विकास होगा.
5- इसके अलावा पूर्व जस्टिस ने मुस्लिम वक्‍फ बोर्ड की संपत्‍ति‍यों को बेहतर उपयोग के लिए केंद्र सरकार से कार्य योजना बनाने की भी सिफारिश की थी।
6- मुस्लिम आबादी वाली बस्तियों और गरीबों की बुनियादी सुविधाओं के लिए बेहतर स्कूल, अच्छी स्वाथ्य सेवाएं और सरकारी स्कूल खोलने की भी सिफारिश की थी।
7- राजनीति में सामाजिक समीकरण को संतुलित करने के लिए मुस्लिम बहुल इलाकों की सीटों को आरक्षित किया जाए और इस सीट पर अन्य समुदाय के लोगों को चुनाव लड़ने नहीं दिया जाए।
8- मुस्लिम समाज के लोगों के लिए इक्‍वल अपॉर्च्युनि‍टी कमीशन, नेशनल डेटा बैंक असेसमेंट और मॉनि‍टरी अथॉरि‍टी का गठन की भी बात की गई थी।
9- मदरसों से पढ़कर निकले बच्चों की डिग्री को सरकारी नौकरियों के लिए मान्यता देने की सिफारिश की गई थी।
10-मुस्लिम वर्ग के लोगों के लिए सरकार विशेष तौर पर योजना बनाए और उसको कड़ाई से लागू करे।

सोमवार, 16 अप्रैल 2018

बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को पुलिस ने रोका।

जौनपुर. बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती को लेकर शनविवार को जहां लोगों में खूब उत्साह दिखा तो वहीं जयंती बीतने के 24 घंटे के भीतर ही जौनपुर जिले के महराजगंज में पुलिस ने बाबा साहब की मूर्ति स्थापना पर रोक लगा दिया।
जिसके बाद से ही पूरे लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।
बतादें कि महराजगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में अनिल गौतम के नेतृत्व मे ग्रामीणों द्वारा भीमराम आंबेडकर की प्रतिमा लगाई जा रही थी। जिस पर जगन्नाथ शर्मा ने आपत्ति जताई थी कि यह मेरे पट्टे की जमीन के बगल में स्थित है। ऐसे मे प्रतिमा की स्थापना महाराजगंज थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने यह करते हुए रोक दिया कि परमिशन के बाद ही प्रतिमा लगनी चाहिए।
लोगों ने बताया कि चांदपुर गांव में अनिल गौतम एवं जिला पंचायत सदस्य रण बहादुर यादव, सत्यप्रकाश, रमेशचन्द्र, राजेश, सुरेश चंद्र, शनि गौतम आदि ग्रामीण आर्थिक सहयोग से एक बंजर भूमि पर भीमराम अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना हेतु चबूतरा का निर्माण कर रहे थे।
इसी दौरान गांव के ही जगन्नाथ शर्मा ने यह कहते हुए इस निर्माण कार्य का विरोध कर दिया कि प्रतिमा की स्थापना हमारे पट्टे की जमीन में बगैर परमिशन किया जा रहा है। इस बात सूचना जैसे ही पुलिस को लगी मौके पर पहुंची यूपी- 100 की पुलिस एवं थानाध्यक्ष महाराजगंज भानु प्रताप सिंह ने मूर्ति स्थापना के काम को ठप करा दिया। पुलिस का कहना था कि प्रतिमा स्थापना बगैर नापजोख एवं सरकारी परमिशन के नहीं हो सकती। इस संबंध में एसओ महाराजगंज भानु प्रताप सिंह का कहना है नाप जोख एवं प्रशासन की अनुमति के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही यहां पर प्रतिमा स्थापित हो सकती है। ऐसे में ग्रामीणो से प्रतिमा की स्थापना नहीं करने को कहा गया है। लेकिन इस बात को लेकर मूर्ति लगवाने का प्रयास कर रहे लोगों में काफी निराशा देखी जा रही है।