पुलिस व टेक्निकल सेल के अधिकारियों ने तीनों को दबोचा। सबसे पहले मुन्ना मिस्त्री को घर से दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर उसी मोहल्ले से मो. सम्मी को पकड़ा गया। जांच एजेंसी को सम्मी के घर से विदेशी पिस्टल मिली है। इसके बाद इंटरमीडिएट के छात्र मो.शाद को भी इसी मोहल्ले से पकड़ा गया।
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि सुरक्षा एजेंसी से कुछ संदिग्धों के मारूफगंज में होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर स्थानीय टेक्निकल सेल के सहयोग से तीनों संदिग्धों को पकड़ा गया। तीनों से पूछताछ की जा रही है।
इन तीनों का अभी तक बोधगया बम कांड या आतंकी तौसीफ के मामले से संबंध नहीं दिख रहा है। ये लोग किसी दूसरी जगह बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। सूत्र बताते हैं कि इसमें एक विदेश जाने की तैयारी में था। चूंकि मो. सम्मी का वीजा नहीं आया था, इसलिए इंतजार में था। वह मारूफगंज में ही रह रहा था। सुरक्षा एजेंसी इनके संपर्कों की पड़ताल कर रही है कि उनके कनेक्शन कहां से थे।
यह कयास लगाया जा रहा है कि किसी संगठन के लिए स्लीपर सेल के रूप में भी काम कर सकते हैं, हालांकि यह पूछताछ और छानबीन के बाद ही स्पष्ट होगा। बहरहाल, सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब गया जिले से किसी आतंकवादी की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले अहमदाबाद ब्लास्ट के आरोपी आतंकी ताैसीफ की गिरफ्तारी भी गया जिले से ही हुई थी। उसका संबंध इंडियन मुजाहिद्दीन से था।
पिछले महीने बोधगया में सीरियल ब्लास्ट की तैयारी भी आतंकियों ने की थी, जिसे समय रहते पुलिस ने विफल कर दिया था। बोधगया मंदिर के गेट सहित तीन जगहों से शक्तिशाली बम बरामद किया गया था।
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शनिवार, 10 फ़रवरी 2018
बिहार के गया में हथियार के साथ तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, पूछताछ जारी।
पटना:(NEWS DESK):बिहार के गया शहर में शनिवार को तीन संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया है, जिनके संबंध आइएसआइ से होने की आशंका है। इस तरह के सबूत मिल रहे हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
इन तीनों को कोतवाली व सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र की मारूफगंज नाला गली से पकड़ा गया। इनमें से एक के पास हथियार भी मिला है।
पुलिस व टेक्निकल सेल के अधिकारियों ने तीनों को दबोचा। सबसे पहले मुन्ना मिस्त्री को घर से दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर उसी मोहल्ले से मो. सम्मी को पकड़ा गया। जांच एजेंसी को सम्मी के घर से विदेशी पिस्टल मिली है। इसके बाद इंटरमीडिएट के छात्र मो.शाद को भी इसी मोहल्ले से पकड़ा गया।
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि सुरक्षा एजेंसी से कुछ संदिग्धों के मारूफगंज में होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर स्थानीय टेक्निकल सेल के सहयोग से तीनों संदिग्धों को पकड़ा गया। तीनों से पूछताछ की जा रही है।
इन तीनों का अभी तक बोधगया बम कांड या आतंकी तौसीफ के मामले से संबंध नहीं दिख रहा है। ये लोग किसी दूसरी जगह बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। सूत्र बताते हैं कि इसमें एक विदेश जाने की तैयारी में था। चूंकि मो. सम्मी का वीजा नहीं आया था, इसलिए इंतजार में था। वह मारूफगंज में ही रह रहा था। सुरक्षा एजेंसी इनके संपर्कों की पड़ताल कर रही है कि उनके कनेक्शन कहां से थे।
यह कयास लगाया जा रहा है कि किसी संगठन के लिए स्लीपर सेल के रूप में भी काम कर सकते हैं, हालांकि यह पूछताछ और छानबीन के बाद ही स्पष्ट होगा। बहरहाल, सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब गया जिले से किसी आतंकवादी की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले अहमदाबाद ब्लास्ट के आरोपी आतंकी ताैसीफ की गिरफ्तारी भी गया जिले से ही हुई थी। उसका संबंध इंडियन मुजाहिद्दीन से था।
पिछले महीने बोधगया में सीरियल ब्लास्ट की तैयारी भी आतंकियों ने की थी, जिसे समय रहते पुलिस ने विफल कर दिया था। बोधगया मंदिर के गेट सहित तीन जगहों से शक्तिशाली बम बरामद किया गया था।
पुलिस व टेक्निकल सेल के अधिकारियों ने तीनों को दबोचा। सबसे पहले मुन्ना मिस्त्री को घर से दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर उसी मोहल्ले से मो. सम्मी को पकड़ा गया। जांच एजेंसी को सम्मी के घर से विदेशी पिस्टल मिली है। इसके बाद इंटरमीडिएट के छात्र मो.शाद को भी इसी मोहल्ले से पकड़ा गया।
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि सुरक्षा एजेंसी से कुछ संदिग्धों के मारूफगंज में होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर स्थानीय टेक्निकल सेल के सहयोग से तीनों संदिग्धों को पकड़ा गया। तीनों से पूछताछ की जा रही है।
इन तीनों का अभी तक बोधगया बम कांड या आतंकी तौसीफ के मामले से संबंध नहीं दिख रहा है। ये लोग किसी दूसरी जगह बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। सूत्र बताते हैं कि इसमें एक विदेश जाने की तैयारी में था। चूंकि मो. सम्मी का वीजा नहीं आया था, इसलिए इंतजार में था। वह मारूफगंज में ही रह रहा था। सुरक्षा एजेंसी इनके संपर्कों की पड़ताल कर रही है कि उनके कनेक्शन कहां से थे।
यह कयास लगाया जा रहा है कि किसी संगठन के लिए स्लीपर सेल के रूप में भी काम कर सकते हैं, हालांकि यह पूछताछ और छानबीन के बाद ही स्पष्ट होगा। बहरहाल, सुरक्षा एजेंसियों को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब गया जिले से किसी आतंकवादी की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले अहमदाबाद ब्लास्ट के आरोपी आतंकी ताैसीफ की गिरफ्तारी भी गया जिले से ही हुई थी। उसका संबंध इंडियन मुजाहिद्दीन से था।
पिछले महीने बोधगया में सीरियल ब्लास्ट की तैयारी भी आतंकियों ने की थी, जिसे समय रहते पुलिस ने विफल कर दिया था। बोधगया मंदिर के गेट सहित तीन जगहों से शक्तिशाली बम बरामद किया गया था।
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